Текст песни
मेहँदी है रचनेवाली, हाथों में गहरी लाली
कहें सखियाँ, अब कलियाँ, हाथों में खिलने वाली हैं
तेरे मन को, जीवन को,नई ख़ुशियाँ मिलने वाली हैं
मेहँदी है रचनेवाली, हाथों में गहरी लाली
कहें सखियाँ,अब कलियाँ, हाथों में खिलने वाली हैं
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