Текст песни
कुछ कर गुज़रने को ख़ून चला, ख़ून चला
आँखों के शीशे में उतरने को ख़ून चला
बदन से टपक कर, ज़मीं से लिपट कर
गलियों से, रस्तों से उभर कर, उमड़ कर
नए रंग भरने को ख़ून चला, ख़ून चला
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